नई दिल्ली 14 मई – केंद्र सरकार ने जम्मू कश्मीर की मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती के उस प्रस्ताव को ठुकरा दिया है जिसमें उन्होंने सरकार से रमजान और अमरनाथ यात्रा को देखते हुए कश्मीर में युद्ध विराम करने की बात कही थी। रक्षामंत्री निर्मला सीतारमन ने इस बारे में मीडिया से बात करते हुए कहा, ‘भारतीय सेना जम्मू और कश्मीर समेत देशभर में शांति और एकता को खतरा पहुंचाने वाले किसी भी तरह के आंतकवाद का सामना मजबूती से करेगी। सेना किसी भी तरह के आंतकवाद से बिल्कुल दृढ़ता से निपटेगी।’

– रक्षामंत्री निर्मला सीतारमन ने कहा, ‘देश में आतंकवाद को मिटाने में सेना कोई कसर नहीं छोड़ेगी और सेना को कड़ाई से इससे निबटना है। जम्मू-कश्मीर भारत का अटूट अंग है, देश में आतंकवाद के लिए कोई जगह नहीं और हम इसे मिटाने के लिए हर मिनट तैयार है, सेना इसमें कोई कोई ढिलाई नहीं बरतेगी।’
– आगे सीतारमन ने कहा, ‘आतंकवाद से निपटने के लिए जो भी कदम उठाना जरूरी होंगे उन्हें भारतीय सेना उठाएगी।’

मेहबूबा ने की थी मांग

– बता दें कि 9 मई को श्रीनगर में हुई ऑल पार्टी मीटिंग के बाद जम्मू-कश्मीर की मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने कश्मीर में मुठभेड़ के दौरान हो रही आम लोगों की मौतों को देखते हुए सीजफायर की मांग की थी।
– चार घंटे चली मीटिंग के बाद मुफ्ती ने कहा था, ‘घाटी के वर्तमान हालात को देखकर हर कोई फिक्रमंद है। आम लोग मारे जा रहे हैं, यूथ बंदूक उठा रहा है, पत्थरबाजी ने तमिलनाडु के टूरिस्ट की जान ले ली। मीटिंग में हर कोई इस बात पर राजी था कि भारत सरकार को वाजपेयी सरकार की तरह आगे बढ़कर सीजफायर का फैसला करना चाहिए।’
– मुफ्ती की इस मांग का राज्य सरकार में सहयोगी पार्टी भाजपा ने ही विरोध कर दिया था। साथ ही सेना प्रमुख विपिन रावत ने भी कहा था कि इस बात कि क्या ग्यारंटी है कि सीजफायर करने पर सेना पर हमला नहीं होगा।

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