श्रीनगर 14 मई – राज्य सरकार ने शुक्रवार को महिलाओं के सशक्तीकरण की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया। महिलाओं को संपत्ति खरीदने पर अब स्टांप ड्यूटी नहीं देनी पड़ेगी। सरकार ने महिलाओं के लिए स्टांप ड्यूटी पूरी तरह माफ कर दी है।

इसके साथ ही सरकार ने एक और बड़ा फैसला करते हुए कश्मीर पुलिस सेवा (केपीएस) के अधिकारियों की बरसों से लंबित मांग को पूरा करते हुए उन्हें नॉन फंक्शनल स्कीम के तहत उच्चतर स्केल में पदोन्नति की सुविधा देने का निर्णय लिया है।

ये फैसले मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती की अध्यक्षता में हुई राज्य कैबिनेट की बैठक में लिए गए।ग्रीष्मकालीन राजधानी श्रीनगर में नागरिक सचिवालय खुलने और राज्य मंत्रिमंडल में गत दिनों हुए विस्तार व फेरबदल के बाद यह पहली कैबिनेट बैठक थी।

शाम सवा चार बजे शुरू हुई यह बैठक लगभग पौने दो घंटे चली।बैठक में लिए गए एक फैसले के तहत अब अगर राज्य में किसी परिवार में महिला के नाम पर संपत्ति को पंजीकृत कराया जाता है तो स्टांप ड्यूटी शून्य रहेगी।

महिला के नाम पर शहरी या ग्रामीण इलाकों में कहीं भी खरीदी और पंजीकृत संपत्ति पर स्टांप ड्यूटी माफ कर दी गई है, लेकिन अगर संपत्ति किसी पुरुष के नाम पर पंजीकृत होगी तो शहरी इलाकों में स्टांप ड्यूटी पांच प्रतिशत और ग्रामीण इलाकों में तीन प्रतिशत होगी।

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